संसद किसे कहते हैं? पूरी जानकारी।



✡️ संसद (अनुच्छेद 79) :-  सांसद का वर्णन संविधान के अनुच्छेद 79 में किया गया है और इसमें कहा गया है कि संसद का निर्माण लोकसभा राज्यसभा और राष्ट्रपति के मिलने से होता है।


संसद किसे कहते हैं?
संसद किसे कहते हैं?

                  संसद = लोकसभा+राज्यसभा+राष्ट्रपति

1. लोकसभा (अनुच्छेद 81) :- लोकसभा संविधान के अनुच्छेद 81 में वर्णन है।

➤ लोकसभा को प्रथम सदन या निम्न सदन या विघटनीय सदन या परिवर्तनशील सदन के नाम से जाना जाता है। इसे अस्थाई सदन के नाम से भी जाना जाता है।

➤ लोकसभा का गठन राष्ट्रपति 5 वर्षों के लिए करते हैं, परंतु राष्ट्रपति लोकसभा प्रधानमंत्री के सलाह से 5 वर्ष के पहले भी भंग कर सकते हैं।

➤ लोकसभा के सदस्य बनने के लिए योग्यता:-

▪ वह भारत का नागरिक हो।
▪ वह पागल, दिवालिया तथा न्यायालय द्वारा घोषित अपराधी न हो।
▪ कोई लाभ के पद पर न हो।
▪ कम से कम 25 वर्ष का हो।

नोट:- भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन सेवारत लोगों को चुनाव लड़ने से पहले अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ता है क्योंकि भारत सरकार और राज्य सरकार सरकार के अधीन कार्यरत सरकारी सेवकों को लाभ के पद के दायरे में रखा गया है।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सांसद और प्रधानमंत्री इत्यादि लाभ के पद के दायरे में नहीं आते हैं।

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➡ चुनाव:- लोकसभा का चुनाव प्रत्येक 5 वर्ष के बाद होता है भारत की जनता लोकसभा के सदस्यों को चुनती है, अर्थात लोकसभा जनता का प्रतिनिधित्व करती है।

➡ शपथ:- लोकसभा के सदस्यों को लोकसभा के अध्यक्ष के द्वारा शपथ दिलाई जाती है।

⇛ लोकसभा के अध्यक्ष को शपथ की जरूरत नहीं होती है।
लोकसभा के अध्यक्ष को शो लोकसभा के सदस्यों के रूप में शपथ दिलाई जाती है।

➡ वेतन:- लोकसभा सदस्यों के वेतन भत्ते और पेंशन का निर्धारण संसद करता है।

➤ लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम सीमा 512 हो सकती है, जिसमें से 530 राज्यों से, 20 केंद्र शासित प्रदेशों से, 2 एंग्लो इंडियन को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। वर्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या 545 है, जिसमें 530 राज्यों से तथा 13 केंद्र शासित प्रदेशों से आते हैं और 2 एंग्लो इंडियन राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है।

➤ झारखंड में लोकसभा कुल सीटों की संख्या 14 है जिसमें SC-1 ST-5 पास और GEN- 8 है।

➤ लोकसभा सदस्यों की सबसे अधिक संख्या U. P. में 80 है।

➤ पंचमी लोकसभा का कार्यकाल 6 वर्ष का था।

नोट :- 42वें संविधान संशोधन द्वारा लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्ष से घटाकर 6 वर्ष कर दिया गया। परंतु 44 वें संविधान संशोधन 1978 द्वारा पुनः लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्ष कर दिया गया।

➡ लोकसभा का अध्यक्ष:- वर्तमान में लोकसभा अध्यक्ष  महाजन हैं ।
लोकसभा का चुनाव प्रत्येक 5 वर्षों के लिए होता है। प्रत्येक आम चुनाव के बाद लोकसभा के सदस्य निर्वाचित होते हैं, और इस निर्वाचित सदस्यों द्वारा लोकसभा की पहली बैठक में प्रोटेम स्पीकर के उपस्थिति में लोकसभा अध्यक्ष का चयन किया जाता है।
लोकसभा अध्यक्ष का पद उसे प्राप्त होता है जो सभी सदस्यों से उम्र में अधिक तथा ज्ञानपान होता है। लोकसभा में अध्यक्ष के चयन के बाद उपाध्यक्ष का भी चयन किया जाता है।

➤ प्रथम लोकसभा अध्यक्ष गणेश वासुदेव मौलंकर थे।

➤ प्रथम लोकसभा उपाध्यक्ष अनंत सायनम अयंगर थे।

लोकसभा अध्यक्ष के कार्य:-

▪ लोकसभा कार्यवाही को संचालित करना ।
▪ लोकसभा बैठक बुलाना और समाप्ति की घोषणा करना ।
▪ लोकसभा के सदस्यों को बैठाने और बुलाने की व्यवस्था करना ।
▪ लोकसभा के बैठक का समय निर्धारित करना ।
▪ लोकसभा में दुर्व्यवहार पर रोक लगाना ।
▪ कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसकी जांच करना।
▪ विदेश जाने वाले संसदो के लिए शिष्ट मंडल मे सांसदों का चुनाव करना।
▪ लोकसभा एंव राज्यसभा दोनों के संयुक्त बैठक में अध्यक्षता करना।

नोट :- संयुक्त बैठक बुलाने का अधिकार राष्ट्रपति को है।
धन विधेयक तथा वित्त विधेयक सबसे पहले लोकसभा में राष्ट्रपति के अनुमती से पेश किया जाता है।

➤ लोकसभा का गठन मई 1992 में हुआ था।

➡ प्रोटेम स्पीकर (कार्यकारी लोकसभा अध्यक्ष) :-
प्रत्येक आम चुनाव के बाद लोकसभा के सदस्यों में से सबसे अधिक उम्र के व्यक्ति को प्रोटेम स्पीकर के पद पर नियुक्त किया जाता है।

नोट :- नियमित लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव जैसे ही हो जाता है तो प्रोटेम स्पीकर का पद स्वतः खत्म हो जाती है।

➤ केंद्रीय मंत्री परिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होता है।

2. राज्यसभा (अनुच्छेद 80):- राज्यसभा स्थायी सदन है, इसे द्वितीय सदन के नाम से भी जाना जाता है।
राज्यसभा कभी विघटन, बहिष्कार या भंग नहीं होता है।
इसका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।

➤ राज्यसभा में संविधान निर्माण के बाद कुल 252 सदस्यों के संख्या था, किन्तु वर्तमान में 245 है।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के द्वारा 12 सदस्यों को मनोनीत किया जाता है।

➤ राज्यसभा में मनोनीत 12 सदस्य राष्ट्रपति के उत्तरदायी होते हैं।

नोट :- राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा में 12 सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लेते हैं।
उपराष्ट्रपति के चुनाव में राज्यसभा के सभी सदस्य भाग लेते हैं।

➤ राज्यसभा में एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष होते हैं जिसमें अध्यक्ष उपराष्ट्रपति होता है और उपाध्यक्ष राज्यसभा के सदस्य में से ही कोई व्यक्ति होता है।

➤ राज्यसभा के सदस्य बनाने के लिए निम्नतम आयु 35 वर्ष होता है।

➤ राज्यसभा का गठन 1952 में हुआ था।

➤ राज्यसभा में राष्ट्रपति 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं जो साहित्य, विज्ञान, कला इत्यादि के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर चुके हो।

➤ राज्यसभा में एक तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष के बाद सेनानिवृत्त हो जाते हैं जिनका कार्यकाल 6 वर्ष हो जाता है।

➤ राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव विधानसभा के सदस्यों (विधायक) द्वारा किया जाता है।

➤ राज्य सभा के बैठक होने के लिए कम से कम 1/10 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होता है।

➤ यदि राज्यसभा में कोई सदस्य से 60 दिन तक राज्यसभा की कार्यवाही में उपस्थित नहीं होता है तो उसका पद रिक्त घोषित कर दिया जाता है।


➤ राज्यसभा और लोकसभा का 1 वर्ष में कम से कम 2 बार बैठक होना अनिवार्य है अर्थात दो बैठक के बीच का अंतर 6 माह से अधिक नहीं होना चाहिए।

➤ राज्यसभा में 233 सदस्य राज्य क्षेत्रों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से लिए जाते हैं तथा 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है।

➤ राज्यसभा के सभापति उपराष्ट्रपति होता है तथा उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदस्य नहीं होता है।

➤ उपराष्ट्रपति का वेतन राज्यसभा के सभापति के रूप में मिलता है

➤ राज्यसभा के प्रथम सभापति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे जो कि एक शिक्षक थे तथा में प्रथम उपराष्ट्रपति वित्त एवं द्वितीय राष्ट्रपति भी बने।

➤  डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

➤ राज्यसभा सदस्यों के वेतन भत्ते और पेंशन का निर्धारण संसद करती है।

➤ राज्यसभा धन विधेयक तथा वित्त विधेयक को अपने पर 14 दिन तक रोक के रख सकती है।

3. राष्ट्रपति के बारे

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